ATAL BIHARI VAJPAYEE KI JIVAN SHAILI-ATAL BIHARI KI BIOGRAPHY

ATAL BIHARI KI JIVAN SHAILI AUR PARICHAY KI KAHANI

ATAL BIHARI VAJPAYEE KI JIVAN SHAILI-ATAL BIHARI KI BIOGRAPHY

ATAL BIHARI VAJPAYEE जैसी शख्सियत न तो वर्ल्ड में पैदा हुई है और न हीं कभी पैदा होगी। ATAL BIHARI VAJPAYEE KI JIVAN SHAILI और उनके परिचय की कहानी आज कौन नही जानता पिछले पचास सालो से भी ज्यादा वे राजनीति में है। उनके जेसा प्रतिभाशाली नेेता aaj vishv me kanhi nahin hai. atal bihari ek aise neta hain jinke भाषण par vipaksk ke neta bhi khade hokar सन्मान करते है। ve aaj bhi utne hi लोकप्रिय और adarshavadi neta ke तौर पर जाने जाते है। उनके द्वारा किये गए बहुत से कामों के कारण वे देश में तीन बार प्रधान मंत्री बन चुके है।उनके अलावा केवल जवाहर लाल नेहरू ही देश ke तीन बार प्रधान mantri ban paye hain.

ATAL BIHARI VAJPAYEE KI JIVAN SHAILI

ATAL BIHARI VAJPAYEE KI JIVAN SHAILI-ATAL BIHARI KI BIOGRAPHY

atal bihari vajpayee ne desh ke char alag alag sthano se chunav lada hai desh me ese chunav ladne wale ve ek matra pradhan mantri hain . atal ji ne desh ke लिए महात्मा गांधी के साथ स्वतंत्रता संग्राम में भी भाग लिया था इसके लिए उन्हें कई बार जेल भी जाना पड़ा।अटल बिहारी वाजपेयी 1947 से देश मे राजनीति में सक्रिय है। अटलजी एक अच्छे कवि भी माने जाते है। उनकी कई कविताएं फेमस हुई जिन्हें आगे चलकर पब्लिश भी किया गया। जिन्हें आज भी पढकसर आनंद मिलता है। अटलजी संसद में भी , विपक्ष पर अपनी कविताओ के व्यंग बाण से उन्हें आश्चर्य चकित कर देते थे। उन्होंने पहली बार U. N. असेंबली में हिंदी भाषा मे भाषण दिया उस समय मातृभाषा में भाषण देनेवाले वे एक मात्र प्रधान मंत्री थे। वे मातृभाषा में काफी रुचि रखते है।

ATAL BIHARI VAJPAYEE KI JIVAN SHAILI-ATAL BIHARI KI BIOGRAPHY

अटल बिहारी पहली बार p.m. (प्राइम मिनिस्टर) बने लेकिन उनकी सरकार केवल 13 दिनों तक ही चल पाई। उसके बाद फिर वे p. m. बने लेकिन अबकी बार भी उनकी सरकार एक साल में ही सिमट गई। लेकिन जब वे तीसरी बार P. M. चुने गए तो उनकी सरकार ने पूरे पांच साल तक राज किया। और वह समय देस के लिए सबसे सफल समय था।

अटल बिहारीजी का जन्म ,माता-पिता का परिचय, शादी, उनके अवॉर्ड व राजनीतिक पार्टी:-

अटल जी का पूरा नाम अटल बिहारी वाजपेयी है उनका जन्म 25 दिसंबर मध्य प्रदेश के ग्वालियर शहर में हुआ था। उनकी माता का नाम कृष्णा देवी और उनके पिता का नाम कृष्ण बिहारी वाजपेयी है। उन्होंने कभी विवाह नहीं किया। आगे चलकर वे भारतीय जनता पार्टी से जुड़े। साल 1992 में उन्हें पद्म विभूषण से समानित किया गया। फिर 1994 में तीन अवॉर्ड्स से सम्मानित किया गया लोकमान्य तिलक अवार्ड्स,बेस्ट सांसद अवॉर्ड्स, पंडित वल्लभ पंत अवार्ड्स, इसके अलावा 2014 में भारत रत्न से समानित किये गए। बचपन व शिक्षा

बचपन व शिक्षा

अटलजी एक मध्यम परिवार से बिलोंग करते है। अटलजी का जन्म 25 दिसंबर को मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले में हुआ था। अटलजी के कुल सात भाई बहन है। उनके पिता स्कूल टीचर व कवि थे। उनके पिता का नाम कृष्ण बिहारी वाजपेयी व माता का नाम कृष्णा देवी है। उन्होंने हाई स्कूल की परीक्षा सरस्वती स्कूल से पास की उसके बाद उन्होंने स्नातक की डिग्री के लिए लष्मी बाई कॉलेज में दाखिला लिया। स्नातक की डिग्री के बाद उन्होंने पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री हासिल की। उसके लिए उन्होंने DAVV कॉलेज में दाखिला लिया। उसके बाद वे पढ़ाई वे पढ़ाई से ऊब चुके थे। उसके बाद उन्होंने आरएसएस जॉइन कर लिया। वंहा वे एडिटर के तौर पर काम करने लगे। उस समय उन्होंने दो लड़कियों को गोद भी लिया था जबकि अटलजी ने शादी नहीं की।

waqt kabhi bhi palat sata hai 

परमाणु बम की देन

उस समय पाकिस्तान की आतंकवादी नीति एवं चीन की घुसपैठ पर नजर रखने के लिए अटल जी ने काफी प्रयास किये। भारत को विश्व मे महाशक्ति बनाने व आत्मरक्षा के लिए उचित कदम उठाए। उसी समय उन्होंने पोखरण में परमाणु बम का परीक्षण करके पूरी दुनिया को स्तब्ध कर दिया और भारत का नाम सुनहरे अक्षरों में विश्व के सामने प्रस्तुत किया। भारत एक महासत्ता बनकर उभरा। कई प्रतिबंध भी लगे, देश मे अकाल भी पड़ा फिर भी देश को इस परिस्थिति से बाहर किया एवं कभी भी हिम्मत नहीं हारी। इसी समय पाकिस्तान जैसे देश ने भी परमाणु बम का टेस्ट किया।

ATAL BIHARI VAJPAYEE KI JIVAN SHAILI-ATAL BIHARI KI BIOGRAPHY

राजनीति में कदम:-

अटल बिहारी वाजपेयी ने देश की आज़ादी की लड़ाई लड़ी, वे कई बार जेल गए, उनका राजनैतिक सफर देश की आजादी से पहले से ही चालू हो चुका था। टसल बिहारी वाजपेयी देश के तीन बार प्राइम मिनिस्टर बने। उन्होंने देश के लिए कई काम किये जो आज भी लोग उन्हें याद करते हैं। 1942 में अंग्रेजों के समय भारत छोड़ो आंदोलन में भाग लिया उसी समय श्यामा प्रसाद मुखर्जी से उनकी मुलाकात हुई उन्ही के साथ रहकर राजनीति में निपुण हुए। उस समय श्यामा प्रसाद मुखर्जी आरएसएस के प्रमुख थे। उनकी मृत्यु के बाद अटल बिहारी वस्जपायी के हाथ मे देश की कमान दी गई। और उन्होंने बखूबी से देश की डौर को संभाला।

अटल जी ने देश को क्या क्या दिया

जब अटल बिहारी प्रधान मंत्री बने तब सबसे पहले उन्होंने पड़ोसी देश पाकिस्तान से रिश्ते बनाने की कोशिश की उन्होंने उस समय के पाकिस्तानी राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ को भारत आने का न्यौता दिया। और आपसी संबंध बनाने की भरपूर कोशिश की। उन्होंने भारत पाकिस्तान के बीच रेल यात्रा शुरू की। दूसरे देशों से संबंध बनाए। आपसी सहकार के लिए कई योजनाएं बनाई। ग्रामीण व शहरीय सड़कों का निर्माण तेजी से करवाया। उन्होंने युवानो के साथ मिलकर शिक्षा को प्रोहतसान दिया। आतंकवादियों से निपटने के लिए कारगिल युद्ध जैसे महत्वपूर्ण निर्णय लिए। परमाणु बम का टेस्ट करके दुनिया को बता दिया भारत भी एक परमाणु शक्ति रूप में जाना जाता है। अटल जी ने पूरे देश को जोड़ने वाली सड़को का निर्माण खूब तेजी से किया और उसके साथ हमेशा से जुड़े रहे। देश को सड़कों से जोड़ना अटल जी का सपना था जो उन्होंने पूरा किया।

लास्ट वर्ड

दोस्तो लास्ट वर्ड यहीं कंहूँगा अटलजी राजनीति में निपुण व एक आदर्शवादी नेता के तौर पर जाने जाते हैं। ऐसा प्रधान मंत्री न तो पैदा हुआ है और न हीं कभी आगे पैदा होगा। दोस्तो अगर ये पोस्ट आपको पसंद आये तो शेयर जरूर करना। लाइक एवं सब्सक्राइब भी करे जिससे आने वाली पोस्ट से आप वंचित न रहे।

ISE BHI PADHE

PADMAN KI KAHANI

ATAL BIHARI VAJPAYEE KI JIVANI

धन्यवाद

धर्मेश (admin)

Add a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *