साहस और द्रढ निश्चय  से भरी कहानी-dil ko chhune wali kahani

 साहस और द्रढ निश्चय  से भरी कहानी 

साहस और द्रढ निश्चय  से भरी कहानी-dil ko chhune wali kahani 

दोस्तों आज में आपको साहस और द्रढ निश्चय  से भरी कहानी बताने वाला हूँ मित्रो अगर आपमें साहस है, आपका निश्चय द्रढ है , तो आप विश्व के किसी भी कोने में चले जाओ , आप कभी असफल नहीं होंगे | सफलता आपके कदम चुमेगी,आपको  दुनिया की कोई भी  ताकत नहीं  रोक सकती  है | मित्रो में आज आपको  साहस से भरी एक कहानी बताना चाहता हूँ, जिससे  आपका आत्म विश्वास बढ़ेगा, तथा  साहस और मनोबल  भी बढ़ेगा|

साहस और द्रढ निश्चय  से भरी कहानी-dil ko chhune wali kahani 


 12  दिसंबर  2016 की बात है , जब में किसी काम से गांव गया हुआ था | एक दिन में मेरे  खेत में ऐसे हि घूम रहा था |  घूमते घूमते में एक पेड़ के पास पहुंचा, तो मेने देखा कि एक  बन्दर का बचा उस पेड़ पर बार बार  चढ़ ने की कोसिस कर रहा था | जो की बहुत ही छोटा था | में  बड़े प्यार  साथ उसको देखे जा रहा था |वह बन्दर का बचा उस पेड़ पर लगातार  चढ़ने की कौसिस कर था , और हर बार असफल हो रहा था , लेकिन बन्दर ने हार  नहीं मानी , वह फिर से चढ़ने लगा और फिर से असफल हुआ | 

महान बनने  के लिए क्या क्या करना पड़ता है 

यह मांजरा काफी देर  चला , लेकिन वह कंहाँ  हार  मानने वाला था | 

साहस और द्रढ निश्चय  से भरी कहानी-dil ko chhune wali kahani 


इस तरह वह बार बार कौसिस करता जा रहा था ,और विफल होता जा रहा था , लेकिन एक समय ऐसा आया और  बन्दर को सफलता मिल गयी , उस छण बन्दर की खुसी का ठिकाना न रहा , मैं भी यह नजारा देखकर काफी रोमांच महसुस कर रहा था | 

साहस और द्रढ निश्चय  से भरी कहानी-dil ko chhune wali kahani 

परोपकार पर अनमोल वचन

प्रेरणा  :- मित्रो  देर से मिली सफलता बहुत मीठी होती है, इसलिए हमेशा अपने लक्ष्य पर डटें रहे, सफलता अवस्य मिलेगी , साहस  से ही सफलता मिलती है |जो लोग अपना  काम डटकर नहीं करते उन्हें हमेशा विफलता ही हाथ लगाती है |

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